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रेत के घर
दीवाली पर कुछ घरों में दिखते हैं छोटे छोटे प्यारे प्यारे मिट्टी के घर माँ से पूछते हम क्यों नहीं बनाते ऐसे घर? माँ कहतीं हमें विरासत में नह...
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#मणिकर्णिका जब मणिकर्णिका के संवादों पर हॉल में तालियाँ गूंजती है, तो न मालूम क्यों लगता है हम एक हैं। आखिर मेरे दिल में भी वही भाव उठ रहे ...
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वो आसमान में जड़ा रहता था जब मैं रेल की खिड़की से झांकती थी मेरे संग संग दौड़ लगाने लगता था शायद प्यासा था कई जन्मों से एक परात भर पानी के ...
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पूर्ण और शुद्ध दुःख असंभव है मानव देह में पूर्ण और शुद्ध आनंद भी संभव नही इस देह में ! भाप बने अणु त्याग देते हैं खौलते द्रव के तट को ...

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