Wednesday, 14 February 2018
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रेत के घर
दीवाली पर कुछ घरों में दिखते हैं छोटे छोटे प्यारे प्यारे मिट्टी के घर माँ से पूछते हम क्यों नहीं बनाते ऐसे घर? माँ कहतीं हमें विरासत में नह...
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#मणिकर्णिका जब मणिकर्णिका के संवादों पर हॉल में तालियाँ गूंजती है, तो न मालूम क्यों लगता है हम एक हैं। आखिर मेरे दिल में भी वही भाव उठ रहे ...
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एक हादसा ही काफी होता है शीशे को चटखाने को टूटे और बिखरे हुये लोग अपने हिस्सों को बटोर के मुक़म्मल शीशा बनने की कोशिश में रहते है, बहु...
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ग्रहों में भाग्य टटोलना नक्षत्रों से क़िस्मत खंगालना हाथ के छुरी कांटों को उल्टा रख देना है कर्म के हथकरघे पर बुने जाते है ख़्वाब तब हा...

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